गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) पर जाने पूर्ण परमात्मा का सर्वोच्च संविधान
- भारतीय संविधान निर्माण प्रक्रिया
- राजनेताओं ने बनाया संविधान का मजाक
- क्या 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा सफल हुआ है?
- जनता के साथ धोखा - भारत को नशा मुक्त बनाएगें!
- क्या राजनेता संविधान का पालन कर रहे हैं?
- लेकिन सरकारों को यह भी रास नहीं आया..!
- संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा दहेज मुक्त शादियां
- सत-भक्ति से नशा दूर
- निवेदन.!
भारतीय संविधान निर्माण प्रक्रिया
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में 9 दिसंबर 1946 को संविधान निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हुई और 26 नवंबर 1950 को संविधान पूर्णत बनकर तैयार हो गया। इसे बनाने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा। साथ ही संविधान को 26 नवंबर 1950 को लागू कर दिया गया। गर्व की बात यह है की भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है। और तब से इसे संपूर्ण भारत में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
शुरुआती दौर में संविधान का खूब बढ़ चढ़कर पालन किया गया लेकिन धीरे-धीरे संविधान की औपचारिकता समाप्त होती जा रही है वर्तमान में कुछ ही अधिकारी संविधान के अनुसार कार्य कर रहे हैं बाकी सब भ्रष्टाचारी रिश्वतखोरी की गिरफ्त में आ चुके हैं। देश के नेता और राजनेता भ्रष्ट हो चुके हैं और भ्रष्ट नेता देश के संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जितना महत्व संविधान को शुरुआती समय में दिया गया था उस की अपेक्षा अभी इस समय महत्व कम हो गया है।
राजनेताओं ने बनाया संविधान का मजाक
हमारे देश के संविधान को बने लगभग 71 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन वर्तमान में इसे पूर्ण रूप से उल्लंघन किया जा रहा है। कुछ भ्रष्ट खोरी राजनेताओ ने संविधान को मजाक बना रखा है। यह तो सब जानते हैं कि किसी भी देश का संविधान उस देश की जनता के लिए सर्वोपरि होता है देश के हर नागरिक के लिए उसमें समान अधिकार और समान महत्व दिया जाता है क्या सच में हमारे देश में संविधान के अनुसार कार्य किया जा रहा है? संविधान के अनुसार देश के हर नागरिक के लिए बराबर सम्मान होता है चाहे वह कैसा भी हो।
इतना समय हो चुका है लेकिन ना तो भ्रष्टाचार ही रुके ना ही रिश्वतखोरी बल्कि यह बढ़कर 10 गुना हो गया है साथ ही देश की महत्वपूर्ण बात जिस पर हर बार पूरा देश बोखला जाता है वह है नारी सुरक्षा। क्या भारत देश की नारी सुरक्षित है? अपराधी अपराध करके रिहा हो जाते हैं, पीड़ितों को न्याय मिलना तो दूर बल्कि उन्हीं के साथ अपराधियों जैसा दुर्व्यवहार किया जाता है।
देश के राजनेता भ्रष्ट हो चुके हैं। जब तक पीड़ितों को न्याय मिलने की बात आती है तब तक बहुत देर हो जाती है तब तक पीड़ित के परिवार या तो फांसी लगा लेते हैं या किसी बस ट्रेन के आगे नीचे आ जाते हैं। लेकिन देश के राजनेताओं को इस बात पर कोई अफसोस नहीं होता है इसलिए आज इस समय जनता का राज नेताओं पर से विश्वास हट गया है।
क्या 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा सफल हुआ है?
सरकार हर बार "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" का नारा दे देती है, लेकिन क्या हमारे सरकार हमारे देश की बेटियों की रक्षा कर पाती है। आए दिन देशभर में लड़कियों के साथ दुष्कर्म की खबरें आती रहती हैं। लेकिन सरकारें इन पर कदम ना उठाकर फालतू मुद्दों पर चर्चा करने लग जाती है और जनता को गुमराह कर देती है। और यदि दुष्कर्म पीड़ित परिवार पुलिस के बाद मुकदमा करवाने के लिए जाते हैं तो पीड़ितों को ही डरा धमका कर भगा दिया जाता है हमारे देश के पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए बनाई गई है लेकिन यह बात आज विपरीत हो गई है। देश की पुलिस ने बड़े-बड़े नेताओं की गुलाम बन चुकी है, बिजनेसमैन, उद्योग पतियों की बातों की कठपुतली बन चुकी है। तो क्या जनता ऐसे देश के नेता सुरक्षा पुलिसकर्मी पर विश्वास कर पाएगी।
जनता के साथ धोखा - भारत को नशा मुक्त बनाएगें!
चुनाव के समय सरकारी बड़ी-बड़ी बातें करती हैं कि भारत को नशा मुक्त करा दिया जाएगा, नशा मुक्त के लिए कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन नशा मुक्त की बात तो छोड़ो कहीं पर भी इसकी शुरुआत भी नहीं हुई है। बल्कि नशा को बढ़ावा दिया जा रहा है, उनके लाइसेंस बनवा कर शॉप खुलवा दी जाती है। और टेलीविजन पर आकर बड़े-बड़े भाषण देते हैं कि भारत को नशा मुक्त बनाएंगे। अगर भारत की सरकारें वास्तव में नशा मुक्त बनाना चाहती है तो इन्हें बढ़ावा ना देकर इन्हें बंद करवाती, लेकिन नेताओं को तो अपना राजस राजकोष भरना है चाहे देश की जनता नशे में डूब कर मर जाए देश के हजारों लाखों करोड़ों परिवार बेघर हो जाए। लेकिन राजनेताओं को इस बात की कोई चिंता नहीं है।
क्या राजनेता संविधान का पालन कर रहे हैं?
जो भी राजनेता सत्ता में अपना कदम रखते हैं, वह सभी यही कहते हैं कि हम पूर्ण निष्ठा से संविधान का पालन करेंगे, और संविधान की गरिमा बनाए रखेंगे। देश की जनता वह देश को विकास की ओर ले जाएंगे। विकास की बात तो दूर वर्तमान में देश भ्रष्टाचार के दलदल में पूर्णता धंस चुका है। और भारत को भ्रष्टाचार में धकेलने में सबसे बड़ा योगदान देश के भ्रष्टाचारी राजनेताओं का ही है। राजनेताओं को तो बस यह चिंता रहती है कि हमारे इस कार्यकाल के अंदर हम कितना धन अंदर कर सकते हैं, राजनेताओं का फर्ज होता है कि वह देश की जनता व देश का विकास करें लेकिन आज वर्तमान में यह उद्देश्य बदलकर देश के नेताओं भारत को लूट रहे हैं, अंग्रेजों ने तो भारत को खूब लूट लिया, अब अपने ही घर के अपने ही देश के राजनेता देश को खोखला कर रहे हैं। देश का हर नागरिक, बेरोजगारी, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से परेशान हो चुका है। लेकिन देश की सरकार और राजनेताओं को तो इसकी बिल्कुल भी चिंता नहीं है उन्हें तो बस अपनी कुर्सी और अपना पद चाहिए बाकी देश जाए भाड़ में, जनता जाए मर।
लेकिन सरकारों को यह भी रास नहीं आया..!
इसलिए सभी देशवासियों से प्रार्थना है कि सावधान हो जाएं। क्योंकि अगर कोई व्यक्ति समाज सुधार के लिए कोई कदम उठाता है नशा देश प्रथा को समाप्त करने की कोशिश करता है, उसे जेल में डाल दिया जाता है। उनको सरकारों ने हत्यारा घोषित कर दिया जाता है। हां हम उन्हें संत जगत गुरु रामपाल जी महाराज की बात कर रहे हैं जिनके साथ सरकार ने बहुत दुर्व्यवहार किया है। एक बार है ऐसी सरकारों पर और कोटि कोटि प्रणाम है ऐसे संत पर जिन्होंने देश को नशा मुक्त और दहेज प्रथा बनाने का कदम उठाया है। जो काम सरकारों ने इतने वर्ष में नहीं कर के दिखाया वह काम आज संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं। सरकारी तो टेलीविजन और न्यूज़ चैनलों पर आकर भाषण दे देकर चल जाती है कि हम देश को नशा मुक्त और दहेज प्रथा से दूर कर देंगे लेकिन संत रामपाल जी महाराज जी ने अपने आध्यात्मिक ज्ञान के आधार से इसकी शुरुआत करके नशा मुक्त और दहेज प्रथा की और बड़ा कदम उठा दिया है। लेकिन सरकारों को यह अच्छा काम में भी रास नहीं आया।
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संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा दहेज मुक्त शादियां
ना जाने आज देश में कितनी बेटियों को दहेज के कारण सताया जाता है। और उन्हें यातनाएं देकर परेशान किया जाता है। लेकिन जगत गुरु संत रामपाल जी महाराज जी ने लाखों देशमुक्त शादियां करवा कर यह साबित कर दिया है कि भारत को दहेज मुक्त सरकार नहीं, संत रामपाल जी महाराज जी करवा सकते है।
सत-भक्ति से नशा दूर
आज देश का बहुत बड़ा वर्ग नशे का आदी हो चुका है। लेकिन लाखों लोग संत रामपाल जी महाराज जी के शरण में आकर नासा छोड़ चुके हैं, नशा करना तो दूर संत रामपाल जी महाराज जी की शरण में आकर नशे को छूना भी पसंद नहीं करते हैं। सरकारी तो बस बड़ा-बड़ा भाषण देकर लोगों को नशा मुक्त करवाने की बात करती है। लोगों को नशा मुक्त करके आजादी दिला रहे हैं। मुक्त संत रामपाल जी महाराज ही करवा रहे हैं।
सच्चाई तो यही है कि संत रामपाल जी महाराज एक पूर्ण जगतगुरु संत विश्व को सत भक्ति व सत्य ज्ञान बता रहे हैं साथ ही वह एक ऐसे समाज सुधारक संत है कि उन्हें देश को ही नहीं पूरे विश्व को इनकी जरूरत है।
निवेदन.!
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It's Very True
Yes we should abide by constitution of God
True💯💯💯✔
Kabir is Suprem God
Consumption of intoxicating substances prohibited~~~ Saint Rampal Ji
#ConstitutionOfTheSupremeGod
GARIB DAS JI MAHARAJ say that
Surapan madhya masahari, gaman karae bhogaen par naari |
Sattar janm katat hain sheeshM, sakshi Sahib hai jagdeeshM ||
True line